हमने मांगी है रब से दुआ,
कभी न करे हमें अब जुदा,
मिले हैं नसीब से,
जीते हैं करम से,
फिर कभी न होंगे हम जुदा...
जोडी बनाई तुने सजाई हमने,
प्यार युं बना रहैं खाई कसमें,
हारे हैं अपनों से,
जीते हैं आंधी से,
फिर कभी न होंगे हम जुदा...
दो दिल एक जान है हम,
प्यार में डुबे दो दिल हैं हम,
हारे हैं जग से,
जीते हैं डर से,
फिर कभी न होंगे हम जुदा...
जैसे समंदर से टकराती चट्टाने,
वैसे जमाने से चोंट खाई हमने,
हारे हैं गम से,
जीते हैं मन से,
फिर कभी न होगे हम जुदा..
एक दुजे का प्यार रहैं युंही साथ,
अब चल दिए हम हाथो में हाथ,
हारे हैं शान से,
जीते हैं दिल से,
फिर कभी न होंगे हम जुदा..
तकदीर ने दिखाए हमें कई रंग,
यूं प्यार से गाढ़ा कोई न मिला,
हारे हैं इन्सान से, जीते हैं लकीर से,
फिर कभी न होंगे हम जुदा..