मासूम दिल ये जाने नहीं,
अगर ईन्सान एक हैं,
तो ईतनी बिरादरी क्यों?
थोडा हम छोडे, थोडे तुम छोडो..
मगरूर दिल ये जाने नहीं,
अगर देश एक हैं,
तो इतनी नफरते क्यों?
थोडा हम भुलें, थोडा तुम भुलों..
दर्द दिल का ये जाने नहीं,
अगर जीना यहां हैं,
तो ईतनी दरारे क्यों?
थोडा हम बढें, थोडा तुम बढों...
कायर दिल ये जाने नहीं,
अगर मिट्टी मा हैं,
तो ईतनी लूंट क्यों?
थोडा हम समझे, थोडा तुम समझो...
शैतान दिल ये जाने नहीं,
अगर भारत मुझ में हैं,
तो ईतनी पहेचान क्यों?
थोडा हम कहे, थोडा तुम कहो...
मनचला दिल ये जाने नहीं,
अगर चलना जिंदगी हैं,
तो ईतनी रुकावटे क्यों?
थोडा हम चले, थोडा तुम चलो...
प्यासा दिल ये जाने नहीं,
अगर प्यार संसार हैं,
तो ईतनी दूरियां क्यों?
थोडा हम आये, थोडा तुम आओ..
कच्चा दिल ये जाने नहीं,
अगर मरना यहां हैं,
तो ईतनी लालच क्यों?
थोडा हम जीये, थोडा तुम जीओ..
आजाद दिल ये जाने नहीं,
अगर आजादी यहां हैं,
तो ईतनी जंजीरे क्यों?
थोडा हम उडे, थोडा तुम उडो...