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तुं ही बता में कैसे जिउं.....

तुं ही बता में कैसे जिउं
बिन तेरे अब में कैसे रहुं ||

थमी यूं जिंदगी की,
वक्त कांटे न कटे..

हर लम्हा जिंदगी का,
अब रुठा रूठा सा लगे...

तुं ही बता में कैसे जिउं ||

रुठी युं खुशियां की,
अपनी रही न रही....

दिल का तूटा बसेरा जो,
अब रोता रोता सा फिरें...

तुं ही बता में कैसे जिउं ||

तूटे युं रिश्ते की,
अपने रहे न रहे...

खोया जो साथी तो,
अब रुखा रुखा सा फिरें...

तुंही बता में कैसे जिउं ||