Pages

आदमी है...


फलसफा जिंदगी का साफ है
यहां तो बदनाम ही आदमी है ||

तन्हाई ही मिली मुझे सस्ते में,
यहां तो परेशां ही आदमी है  ||

नफरतें ही दिखी मुझे दिलों में,
यहां तो बिखरा ही आदमी है ||

ढूंढता ही रहा खुदा अपनों में,
यहां तो रुठा ही आदमी है ||

आदमी ही मिले मुझे जन्नत में,
यहां तो शैतान ही आदमी है ||