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बता मुझको...


ईश्वर अल्लाह के सतनाम,
कबीरा कहां बता मुझको,
हर दर पै ढूंढा तुझको,
पर दिखा तूं अलग मुझको....

ये चांद सूरज तारे तेरे,
फिर भी उस पे किसका डेरा,
यदी चाहूं तुझको पूरे मन से,
आना कहां बता  मुझको...

नाम ले तेरे भक्त हजार,
सुन लें मेरी नन्ही पुकार,
ज़मी पर तेरे कई बसेरे,
जाऊ कहां बता मुझको...

मिली जिंदगी जीले प्यारे,
कहूं खुद को खोजूं तुझको,
तूं ही बता दें मेरे कबीरा,
कहां मिलेगा बता मुझको..

दि ज़मी चांद सूरज तारे,
देकर न जाने तूं कहां गया,
जो तूं हैं तो दिखा खुदको,
कहां गया था बता मुझको...