बढते कदम न रुके बंधु,
चलें हाथ से हाथ मिलाएं ||
क्या धर्म क्या जाति बंधु,
चलें दिल से दिल मिलाएं ||
क्या सच क्या झूठ बंधु,
चलें अपनों से नज़र मिलाएं ||
क्या मेरा क्या तुम्हारा बंधु,
चलें मिल के साथ निभाएं ||
जोड-तोड में क्या रखा बंधु,
चलें नए भारत को बढ़ाएं ||
हाथ से हाथ मिलाकर बंधु,
चलें नए सपनों को सजाएं ||