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चलें..बंधु

बढते कदम न रुके बंधु,
चलें हाथ से हाथ मिलाएं ||

क्या धर्म क्या जाति बंधु,
चलें दिल से दिल मिलाएं ||

क्या सच क्या झूठ  बंधु,
चलें अपनों से नज़र मिलाएं ||

क्या मेरा क्या तुम्हारा बंधु,
चलें मिल के साथ निभाएं ||

जोड-तोड में क्या रखा बंधु,
चलें नए भारत को बढ़ाएं ||     

हाथ से हाथ मिलाकर बंधु,
चलें नए सपनों को सजाएं ||